समय – बलराजनीति

Published by Balraj Arpit on

यह लेख बलराजनीति का दूसरा भाग है: पहला भाग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कहते है ना कि जैसा बीज बोओगे वैसा ही फल पाओगे, समझने वाली बात ये है कि ग़लत बीज बो के कुछ लोग ग़लत उम्मीद भी कर बैठते है। पर समय गुज़र जाने के बाद पछतावा के अलावे कुछ नहीं मिलता। आज़ादी के 70 साल बाद भी लोगों के बीच फूट डालना काफ़ी आसान है क्यूँकि शिक्षा और संस्कार ना हो तो जड़े भी कमज़ोर हो जाती हैं। हमारा देश शिक्षा में नेताओ के कारण पीछे है और कुछ पिताओ के कारण संस्कार में पीछे है। लोगों को गुमराह कर के सच्चाइयों को छुपा दिया जाता है या ग़लत साबित करने का प्रयास किया जाता है। लेकिन श्री कृष्ण भगवान ने भी कहा है, “हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ” ये बात सच है की जब जब धर्म की हानि और अधर्म में वृद्धि हुई है तब तब विनाश हुआ है इसके ऐसे लोगो का जो अधर्म करते है।

आप सोचते हो कि मेरे साथ इतना बुरा क्यूँ होता है, इतने दर्द झेलने को और परिश्रम करने को मुझे ही क्यूँ मिलता? तो इसका जवाब नीचे विडियो में देखें –

वसुधैव कुटुम्बकम् की परिकल्पना बहुत पुरानी है लेकिन इसे साकार रूप से सच करना काफ़ी मुश्किल हो गया है क्यूँकि अब तो परिवार शब्द का परिभाषा ही बदल गया। परिवार शब्द इतना टूट के बिखर गया है के जिसे जोड़ने में भी समय लगेगा। डरने वाली बात ये है की समय बहुत गुज़र गया है और इसके साथ साथ शिक्षा और संस्कृति आज इतनी गिर चुकी है कि आज के युवाओं को बहुत परिश्रम करना पड़ेगा अपने विचार समाज के सामने रखने में। ये परेशानी हमें कुछ दशक पहले के युवाओं के कारण झेलना ही पड़ेगा क्यूँकि आज जब 17-18 साल के युवा दुनियाँ बदलने की बात करते है, वहीं तब के युवा आइयासी में चूर रहा करते थे। देश के आज़ादी के बाद पहली पीढ़ी तो पढ़ी लेकिन उसकी अगली पीढ़ी पैसा देख के अंधी हो गयी।

आज समय इतना आगे निकल गया है कि आने वाला भविष्य ख़तरे में है। जी हाँ, आने वाले कुछ ही दशक में प्राकृतिक आपदा हम झेल रहे होंगे और हम आपस की फूट से एक दूसरे से लड़ रहें होंगे तब हर घर में बच्चे भूखे सो रहें होंगे और युवा बेरोज़गार होंगे। नेताओ का क्या, वो आज सत्ता में हैं कल नहीं रहेंगे।

आधुनिक तकनीक, रोबॉट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस) आपकी जॉब और रोजगार छिन लेंगी, महँगाई बढ़ जाएँगी और आप मजबूर और बेबस इन्सान बन के रह जाओगे। समय का सदउपयोग करो क्यूंकि समय का दुरपयोग करने वाले का हमेशा विनाश हुआ है। शिक्षा और संस्कार ही जीवन का आधार है।

समय बहुत बहुमूल्य है, नीचे विडियो में देखे श्री कृष्णा भगवान् द्वारा बताए समय का मूल्य –

आगे पढ़ने के लिए जुड़े रहिये…

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