Blog Experience Story

समाज, सोच और मेरी उपलब्धि

मैंने फिर से कॉलेज ज्वाइन कर लिया. दिन-रात दिमाग में बस एक ही बात था, बस रुकना नही है, थकना नही है, हारना नही है.और कैसे २०१५ ओर २०१६ आया के पता ही नही चला…